18 वीं सदी में स्वतंत्र राज्य : कर्नाटक, रुहेला राज्य, फर्रुखाबाद, जाट राज्य, राजपूत राज्य, केरल

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कर्नाटक

यह मुगल साम्राज्य के दक्षिणी क्षेत्र का हिस्सा था, जो हैदराबाद के नियंत्रण में था। जैसे ही 1724 में निजाम उल मुल्क ने हैदराबाद को एक स्वतंत्र राज्य बनाया वैसे ही सादुतुल्ला खान ने कर्नाटक को पृथक करा लिया। इस प्रकार कर्नाटक के स्वतंत्र राज्य का श्रेय सादुतुल्ला खान को जाता है।

  • सादुतुल्ला खान ने अर्काट को कर्नाटक की राजधानी बनाई थी।
  •  1732 ईस्वी में इसकी मृत्यु के बाद दोस्त अली अगला नवाब बना।
  • 1740 है दोस्त अली की मृत्यु के बाद कर्नाटक में उत्तराधिकार का संघर्ष आरंभ हुआ। जिसमें अंग्रेजों व फ्रांसीसीओं ने दिलचस्पी ली। फलस्वरुप तीन आंग्ल फ्रांसीसी युद्ध हुए जिन्हें कर्नाटक का युद्ध कहा जाता है।

रुहेला राज्य

 बरेली और आसपास के क्षेत्र में मोहम्मद शाह रंगीला के समय ही एक स्वतंत्र रुहेला राज्य की स्थापना वीर दाऊद एवं अली मोहम्मद खान ने की थी। यह लोग अफगान मूल के थे।

फर्रुखाबाद

मुगल शाह रंगीला के समय ही यहां एक स्वतंत्र राज्य की स्थापना मोहम्मद खां बंगश (बंगश पठान) ने की थी। यह लोग भी पठान यानी अफगान मूल के थे।

जाट राज्य

आगरा, मथुरा, दिल्ली, भरतपुर आदि क्षेत्र में रहने वाली किसानों की एक जाति जाट थी।
प्रमुख जाट नेता थे – 
गोकुल
राजाराम
चूड़ामण
वदन सिंह
सूरज मल

 

  • मोहम्मद शाह रंगीला के समय भरतपुर में एक स्वतंत्र जाट राज्य की स्थापना चूड़ामण व बदन सिंह ने की थी।
  •  1721 में जय सिंह के नेतृत्व में मुगल सेना से हारने के बाद चूड़ामण  ने आत्महत्या कर ली थी।
  • वदन सिंह को अहमद शाह अब्दाली ने राजा की उपाधि दी थी।
  • सूरजमल जाटों में सर्वाधिक योग्य व कुशल व्यक्ति था। जो ब्रजभाषा बोलता था किसानों की पोशाक पहनता था।
  •  इसे ही जाटों का अफलातून एवं जाटों का प्लेटो कहा जाता है।
  •  इसकी मृत्यु के बाद जाट राज्य का पतन हो गया।
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 राजपूत राज्य

18 वीं सदी में सर्वाधिक महत्वपूर्ण राजपूत आमेर का जयसिंह द्वितीय था जो कि एक कुशल प्रशासक, राजनेता, नगर स्थापक, समाजसेवी, गणितज्ञ, खगोलविद, वैज्ञानिक और विधिज्ञाता आदि था।
  • जहां दार शाह ने इसे मिर्जा सवाई की उपाधि दी थी।
  • जयसिंह द्वितीय ने जाटों से भूमि प्राप्त कर जयपुर नगर की स्थापना की थी। जिसके शिल्पकार विद्याधर भट्टाचार्य थे।
  • जयपुर वैज्ञानिक तरीकों एवं नियमित योजनाओं पर आधारित भारत का प्रथम नगर है।
  • इसने कुल 5 स्थानों जयपुर, दिल्ली, मथुरा, बनारस और उज्जैन में वेदशालाओं का निर्माण करवाया था।
  • खगोल शास्त्र के अध्ययन के लिए एक तालिका बनाया था जिसे जीज मोहम्मद शाही कहा जाता है।
  • जयसिंह ने यूक्लिड की रेखा गणित नेपियर की त्रिकोणमिति और लघु गणित का संस्कृत में अनुवाद करवाया था।
  • भारत में अंतिम अश्वमेध यज्ञ करने वाला राजा जयसिंह ही था।

केरल

  •  18 वीं सदी में केरल में कुल 4 राज्यों कालीकट, कोचीन, चिराक्कल एवं त्रावणकोर का अस्तित्व था।
  • त्रावणकोर की राजधानी त्रिवेंद्रम थी जोकि संस्कृत व मलयाली भाषा का प्रमुख केंद्र था।
  • त्रावणकोर के सर्वाधिक महत्वपूर्ण राजा मार्तंड वर्मा थे जिन्होंने केरल क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था एवं सिंचाई व्यवस्था के विकास के साथ ही अपनी सेना को यूरोपियों की मदद से आधुनिककृत किया।
  • इन्होंने डचों को भी हराया था।
  • इनके बाद राम वर्मा अगले शासक हुए जो कि एक कवि अभिनेता एवं संगीतज्ञ के तौर पर भी जाने जाते हैं।
  • हैदर अली ने कालीकट व कोचीन को जीतकर मैसूर में मिला लिया था ताकि समुद्र तक मैसूर की पहुंच बनी रहे या माहे बंदरगाह पर मैसूर का नियंत्रण बना रहे।
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