भूगोल नोट्स: भारतीय नदियाँ, उद्गम स्थल और नदी तंत्र, भाग-6

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तुंगभद्रा नदी

तुंगभद्रा पश्चिम घाट पर्वत पर दो धाराओं तंग और भद्रा के रूप में निकलती है। यह कृष्णा नदी की सबसे लंबी सहायक नदी है।
आंध्र प्रदेश की राजधानी मूसी नदी के तट पर स्थित है।

पेन्नार नदी

पेन्नार नदी कृष्णा और कावेरी नदी के मध्य में है। यह नदी कर्नाटक के कोलार नामक स्थान से निकलती है।

कावेरी नदी

  • कावेरी नदी कर्नाटक में पश्चिम घाट पर ब्रम्हगिरी पहाड़ी से निकलकर कर्नाटक और तमिलनाडु राज्य में प्रवाहित होती है।
  • कावेरी नदी को दक्षिण गंगा या दक्षिण भारत की गंगा भी कहते हैं। कावेरी नदी की घाटी धान की खेती के लिए प्रसिद्ध इसलिए राइस बाउल ऑफ साउथ इंडिया भी कहते हैं।

सहायक नदी

शिमसा, अर्कावती, हेमवती, अमरावती, काबीनी, भवानी, लक्ष्मणतीर्थ, लोकपावनी

  • कावेरी नदी दक्षिण भारत की एकमात्र नदी है जिसमें पूरे साल जल रहता है।
कारण
  1. ऊपरी जल ग्रहण क्षेत्र में (दक्षिण पश्चिम मानसून से)
  2. नीचे ले जल ग्रहण क्षेत्र में (कोरोमंडल तट पर उत्तर पूर्व मानसून से)

वैगाई

  • वैगई नदी तमिलनाडु के वरुणनाथ पहाड़ी से निकलती है।
  • मदुरई वैगई नदी के तट पर स्थित है जो दक्षिण भारत का सबसे पुराना शहर है।

ताम्रपर्णी नदी

ताम्रपर्णी नदी का डैम आम पहाड़ी की अगस्त मलाई की चोटी से निकलकर मल्लार की खाड़ी में गिरती है।

अरब सागर में गिरने वाली नदियां

प्रायद्वीपीय भारत की अरब सागर में गिरने वाली नदियों का क्रम इस प्रकार है –

लूनी, साबरमती, माही, नर्मदा, तापी, मांडवी, जुआरी, शरावती, गंगावेली, पेरियार और भरतपूंझा

प्रायद्वीपीय भारत की 4 नदियां खंभात की खाड़ी में गिरती है
  1. साबरमती
  2. माही
  3. नर्मदा
  4. तापी
  • प्रायद्वीपीय भारत की लूनी नदी कच्छ के दलदल में समाप्त हो जाती है अर्थात समुद्र तट तक नहीं पहुंच पाती है।
  • नर्मदा और ताप्ती नदी भ्रंश घाटी में प्रवाहित होती हैं।
  • लूनी नदी उत्तरी राजस्थान के अरावली पहाड़ी से निकलकर सांभर झील से होकर गुजरते हुए दलदल में विलीन हो जाती है।

साबरमती नदी

  • साबरमती नदी राजस्थान के उदयपुर जिले के मेवाड़ से निकलकर खंभात की खाड़ी में गिरती है। गुजरात की राजधानी गांधीनगर और अहमदाबाद शहर साबरमती के तट पर ही स्थित है।

माहे नदी

  • माहे नदी मध्य प्रदेश के विंध्य पर्वत से निकलकर खंभात की खाड़ी में गिरती है। माहे नदी मध्य प्रदेश राजस्थान और गुजरात में प्रवाहित होती है।
  • यह नदी राजस्थान में कर्क रेखा को दो बार काटती है।

नर्मदा नदी

  • अरब सागर में गिरने वाली प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है।
  • नर्मदा नदी मैकाल पहाड़ी पर स्थित अमरकंटक चोटी से निकलकर पश्चिम में प्रवाहित होते हुए भरूच के पास खंभात की खाड़ी में मुहाना बनाती है।
  • मध्य प्रदेश का प्रमुख शहर जबलपुर और गुजरात का भरूच नर्मदा के तट पर ही स्थित है। नर्मदा नदी 3 राज्य मध्य प्रदेश महाराष्ट्र और गुजरात से प्रभावित होते हुए खंभात की खाड़ी में गिर जाती है।

  • नर्मदा नदी जबलपुर के समीप संगमरमर की चट्टानों में जलप्रपात बनाती है, जिसे धुआंधार जलप्रपात या कपिलधारा जलप्रपात कहते हैं।

तापी नदी

  • तापी नदी महादेव पहाड़ी से लगे हुए बैतूल पठार से निकलकर सतपुड़ा के दक्षिण में अपनी भ्रंश घाटी में बहते हुए सूरत के समीप खंभात की खाड़ी में गिरती है।

गुजरात का सूरत शहर तापी नदी के मुहाने पर स्थित है।

  • सतपुड़ा पहाड़ी के उत्तर में नर्मदा जबकि दक्षिण में तापी नदी बहती है, इसी वजह से सतपुड़ा को ब्लॉक पर्वत भी कहते हैं।
  • अरब सागर में जल गिराने वाली तापी नदी दूसरी सबसे लंबी नदी है। नर्मदा की भांति तापी नदी भी मध्य प्रदेश महाराष्ट्र और गुजरात से होकर प्रवाहित होती है।
  • गुजरात में उकाई और काकरकार जल विद्युत परियोजना तापी नदी पर ही स्थित है।

सहयाद्रि अर्थात पश्चिम घाट से निकलकर अरब सागर में गिरने वाली नदियां

पश्चिमी घाट से निकलने वाली सभी नदियों छोटी तथा तीव्र गामी है।
पश्चिमी घाट से निकलकर अरब सागर में गिरने वाली नदियों के दो स्रोत हैं।
  1. जून से सितंबर (दक्षिण पश्चिम मानसून)
  2. प्रायद्वीपीय भारत के पठार में संचित जल (शुष्क मौसम में इन्हें मिलता है)
सहयाद्रि से निकलकर अरब सागर में गिरने वाली नदियां
  • गुजरात – सतरंजी, मादर, नदी
  • गोवा – मांडवी, जुआरी
  • कर्नाटक – शरावती, गंगावली
  • केरल – भरतपुझा, पेरियार, पांबा

गोवा की राजधानी पणजी मांडवी नदी के तट पर स्थित है।

  • भरतपुझा केरल की सबसे लंबी नदी जबकि पेरिया दूसरी सबसे लंबी नदी है।
  • पश्चिम घाट की नदियां काफी ऊंचाई से कगार के सहारे बहती हैं। इस वजह से सभी नदियां कई जलप्रपात का निर्माण करती हैं

जोग जलप्रपात

  • कर्नाटक में शरावती नदी पर जोग जलप्रपात इसी का उदाहरण है। इसे गरसोप्पा या महात्मा गांधी जलप्रपात भी कहते हैं।
  • जोग जलप्रपात की ऊंचाई 271 मीटर है जो कि भारत का सबसे ऊंचा सीधा गिरने वाला जलप्रपात है जबकि भारत में सबसे ऊंचाई पर स्थित जलप्रपात कूची कल जलप्रपात है।

   
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