भूगोल नोट्स: भारतीय नदियाँ, उद्गम स्थल और नदी तंत्र, भाग-1

अरब सागर में गिरने वाली नदियाँ

बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियाँ

नर्मदा
गोदावरी
ताप्ती
कृष्णा
शारावती
कावेरी
भारत पुंझा
महानदी
पेरियार
वैंगयी
भादरी
स्वर्ण रेखा
सतरंजी
ब्राह्मणी
काली
पेन्नार
बैतरनी
पलार


गोदावरी नदी

  • गोदावरी नदी दक्षिण भारत की गंगा कहलाती है। सबसे पुरानी होने की वजह से इसे बूढी गंगा भी कहते हैं। 
  • ये दक्षिण भारत की सबसे लम्बी नदी भी है।
  • गोदावरी नदी तेलंगाना को दो भागों में विभाजित करती है।
  • कुल लम्बाई- 1465 किलोमीटर
  • ये महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बहती है।
सहायक नदी
दूधना, पूर्णा, प्राणहिता, पेनगंगा, इन्द्रावती, मांजरा

निजाम सागर परियोजना मंजरा नदी पर स्थित है।


कृष्णा नदी

  • प्रायद्वीपीय भारत की दूसरी सबसे लम्बी नदी कृष्णा है। इसकी कुल लम्बाई 1400 किलोमीटर है।
  • ये महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्णाटक में बहती है।

नागार्जुन परियोजना और श्री सैलम परियोजना इसी नदी पर स्थित है।

सहायक नदी
भीमा, कोयना, मूसी(हैदराबाद), घाटप्रभा, मालप्रभा, तुंगभद्रा

कावेरी नदी

  • कावेरी नदी दक्षिणी गंगा के नाम से प्रसिद्ध है। इसकी कुल लम्बाई 825 किलोमीटर है।
  • इसका उद्गम स्थल कर्नाटक की पहाड़ी ब्रह्मगिरी पर है।
  • शिवसमुद्रम जलप्राप्त (सबसे पुरानी नदी घटी परियोजना), मैटूर जलप्रपात इसी नदी पर है।

  भूगोल नोट्स: प्रायद्वीपीय भारत का पठार: भाग-3

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