भूगोल नोट्स: प्रायद्वीपीय भारत का पठार: भाग-4

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पूर्वी घाट पर्वत

  • पूर्वी घाट पर्वत, पश्चिमी घाट पर्वत की तरह क्रमबद्ध अथवा निरंतर ना होकर कटा छटा हुआ है।
  • प्रायद्वीपीय भारत के पठार का ढाल पूर्व की तरफ है जिस वजह से महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी बहुत सी नदियां पश्चिमी घाट पर्वत से निकलकर पूर्व की ओर बहती है।
  • इन्हीं नदियों ने अपने बहाव के क्रम में पूर्वी घाट पर्वत को जगह जगह पर काट दिया है। गोदावरी और कृष्णा नदी के बीच डेल्टा में इसी वजह से पूर्वी घाट पर्वत समाप्त हो गया है।यही कारण है कि पूर्वी घाट पर्वत अलग अलग राज्य में स्थानीय नामों से भी जाना जाने लगा।
  • नल्लामलाई, पालकोंडा और वेलीकोंडा पहाड़ी पूर्वी घाट पर्वत का ही भाग है। ये आंध्र प्रदेश में स्थित है जबकि शेषालचम पहाड़ी अब तेलंगाना राज्य में है।
  • तमिलनाडु में पूर्वी घाट पर्वत को जावादी सेवाराय और पंचमलाई के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा सिरूमलाई भी तमिलनाडु में ही स्थित है।
  • तमिलनाडु की पहाड़ियां चारकोनाइट चट्टान से बनी हुई है।
  • तमिलनाडु और नीलगिरी पर्वत पर चंदन और सागवान के वृक्ष अधिकता में पाए जाते हैं।
   
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