भारत का संवैधानिक विकास (1773 से 1858 तक)

भारत के संवैधानिक विकास को तीन चरणों में बांटा जा सकता है।

  1. 1773 से 1858 तक
  2. 1858 से 1946 तक
  3. 1946 से अब तक
  •  1600 ईस्वी में ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हुई जिसके बाद 1757 ईस्वी में प्लासी के युद्ध हुआ और अंग्रेज भारत के प्रशासनिक व्यवस्था में दखल देने लगे।
  • जिसके बाद 1773 ईस्वी में पहली बार इंग्लैंड से लिखित रूप में नए नियम कानून बने।

रेगुलेटिंग एक्ट 1773

  • इस एक्ट के माध्यम से कंपनी को चलाने वाले 24 सदस्य अधिकारियों की कार्य अवधि 4 साल कर दी गयी।
  • बंगाल की जीत के बाद बंगाल के गवर्नर को गवर्नर जनरल बना दिया गया, जिसके अंतर्गत मद्रास व मुंबई के अंदर काम करने लगे।
  • इस एक्ट के अंतर्गत 1774 ईस्वी में कोलकाता में सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना हुई और एलिजा इम्पे को पहला जज बनाया गया

एक्ट ऑफ़ सेटलमेंट 1781

  • गवर्नर जनरल को बंगाल बिहार और उड़ीसा में कानून बनाने का अधिकार मिला।
  • 1784 में इंग्लैंड में जॉन पिट्स प्रधानमंत्री बने, उन्होंने भारत में कंपनी से शासन का अधिकार छीन लिया और  शासन के लिए बोर्ड ऑफ कंट्रोल की नियुक्ति की गई।

पिट्स इंडिया एक्ट 1784

  • प्रधानमंत्री ने बोर्ड ऑफ कंट्रोल की स्थापना की, साथ ही साथ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर भी बनाए गए।
  • बोर्ड ऑफ कंट्रोलर को शासन करने संबंधी अधिकार दिए गए और बोर्ड ऑफ कंट्रोलर को व्यापार से संबंधित कामकाज मिला

1793 का अधिनियम

  • बोर्ड ऑफ डायरेक्टर और ऑफ बोर्ड ऑफ कंट्रोल को भारत के राज्य को से वेतन दिया जाएगा। पहले यह वेतन कंपनी के मुनाफे से दिया जाता था।
  • ब्रिटेन की सरकार से अब यह फैसला हुआ कि हर 20 साल में भारत में कानूनों की समीक्षा की जाएगी।

चार्टर एक्ट 1813

  • भारत में चाय अफीम और चीन में व्यापार को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में एकाधिकार खत्म हो गया अर्थात ईस्ट इंडिया के अलावा अन्य कंपनियों को भी भारत में व्यापार करने की छूट मिल गई।
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चार्टर एक्ट 1833

ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापार को प्रतिबंधित कर दिया गया और कंपनी को शासन का अधिकार दिया गया।  अब ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत सरकार कहा जाने लगा।

चार्टर एक्ट 1853

  • सिविल सेवाओं में भर्ती के लिए पहली बार भारत में परीक्षाओं की व्यवस्था की गई।
  • इसके बाद 1857 की क्रांति हुई। इस दौरान इंग्लैंड के प्रधानमंत्री फार्मर्स टर्न थे जबकि अगले ही 1858 में जॉन डर्बी को प्रधानमंत्री बनाया गया।

चार्टर एक्ट 1858

  • इसके अंतर्गत भारत का शासन कंपनी से क्राउन को मिल गया।
  • क्राउन ने इंग्लैंड में भारत मंत्री बनाया, जिससे भारत का शासन चलाने के लिए नियुक्त किया गया। इनकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय मंत्रिमंडल भी बनाया गया।
  • भारत में अब गवर्नर का पद समाप्त कर दिया गया और भारत मंत्री और ब्रिटेन क्राउन के प्रतिनिधि के रूप में वायसराय की नियुक्ति की गई।
  • भारत के प्रथम वायसराय तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड कैनिंग को ही बनाया गया था, इस प्रकार भारत के अंतिम गवर्नर जनरल लॉर्ड कैनिंग ही थे।
  • भारत के नागरिक अब ब्रिटिश नागरिक कहलाने लगे थे।
  • 1858 के चार्टर एक्ट को 1 नवम्बर 1958 में इलाहाबाद के मिंटो पार्क से लागू किया गया था।
  • 1861 के आदेश के बाद 1862 में कोलकाता मुंबई और मद्रास में उच्च न्यायालय की स्थापना हुई।
  • 1866 में उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय की स्थापना की गई।

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