इतिहास नोट्स: भारत पर तुर्कों का आक्रमण

History Notes in Hindi, History For SSC Exam, History For SSC Stenographer, History Notes For Every Exams, History Notes in Hindi For UPSC, Turkish invasion in India in Hindi

भारत में तुर्कों का आक्रमण
अरबों के बाद तुर्कों ने भारत पर आक्रमण किया। तुर्क चीन के उत्तरी-पश्चिमी सीमाओं पर निवास करने वाली एक असभ्य बर्बर जाती थी। इनका उद्देश्य मुस्लिम साम्राज्य स्थापित करना था।

अल्पतगीन

  • गजनी साम्राज्य व् यामिनी वंश (गजनी वंश) का संसथापक था। वह समानी साम्राज्य के शासक अब्दुल मालिक का तुर्क दास था। सामानी साम्राज्य के पतन के पश्चात उसने मध्यएशिया में अपना स्वतंत्र राज्य स्थापित किया जिसकी राजधानी गजनी थी।

सुबुक्तगीन

  • यह अल्पतगीन का दास था। भारत पर प्रथम तुर्क आक्रमण 986 ई0 में गजनी के शासक सुबुक्तगीन ने जयपाल के विरुद्ध किया था।

महमूद गजनवी

  • महमूद गजनवी, सुबुक्तगीन का ज्येष्ठ पुत्र था और अपने पिता की मृत्यु के बाद 997 ई0 में वह गजनी के सिंहासन पर बैठा।
  • महमूद गजनवी ने भारत पर 1001 ई0 से 1027 ई0 के बीच 17 बार आक्रमण किया था।
  • उसके आक्रमणों का उद्देश्य यहाँ से धन लूटना और इस धन की सहायता से मध्य एशिया में विशाल साम्राज्य स्थापित करना था।
  • उसने सीस्तान के राजा को पराजित कर खलीफा की स्वीकृति नहीं मिली तथापि खलीफा ने यामिनुद्दौला (साम्राज्य का दाहिना हाथ) व् अमिन उलमिल्लत (मुस्लिमों का संरक्षक) उपाधि देकर सम्मानित किया।
  • उसने पंजाब के हिन्दुशाही वंश के शासक जयपाल को वैहिन्द की प्रथम लड़ाई (1000 ई0) में पराजित किया।
  • वैहिंद की द्वितीय लड़ाई (100 ई0) में उसने हिन्दुशाही वंश के ही आनंदपाल को हराया था।
  • उसने थानेश्वर, कन्नौज, मथुरा और सोमनाथ नगरों को विध्वंस कर दिया था।
  • 1025 ई0 में उसका सोमनाथ के शिव मंदिर पर आक्रमण सबसे प्रसिद्ध है। उसने गुजरात के काठियावाड़ में समुद्र किनारे स्थित सोमनाथ मंदिर से भारी मात्र में संपत्ति लूटी थी।
  • महमूद गजनवी ने अंतिम आक्रमण 1027 ई0 में आगरा के निकट भेरा के दुर्ग पर किया था।
  • महमूद गजनवी को भारतीय इतिहास में बुतशिकन (मूर्तिभंजक) के नाम से जाना जाता है।
  • महमूद गज्नावी के साथ अरबी लेखक अलबरूनी भारत आया था। यह पुराणों का अध्ययन करने वाला प्रथम मुस्लिम था।
  सोमनाथ मंदिर: जानिए क्या है इसका इतिहास और परीक्षा में आने वाले सभी महत्वपूर्ण तथ्य

महमूद गजनवी के भारत पर 17 आक्रमण
आक्रमण प्रदेश
आक्रमण वर्ष
आक्रमण वाले प्रदेश के शासक
पंजाब सीमावर्ती क्षेत्र
1000 ई0
हिन्दुशाही राजा जयपाल
पेशावर
1001 ई0
हिन्दुशाही राजा जयपाल
भटिंडा
1005 ई0
विजयराज
मुल्तान
1006 ई0
दाउद करमाथी
मुल्तान
1007-1008
सुखपाल
वैहिद (पेशावर)
1008-1009 ई0
हिन्दुशाही राजा आनंदपाल
नारायणपुर (अलवर)
1009 ई0
स्थानीय अज्ञात शासक
मुल्तान
1010 ई0
सुखपाल
थानेश्वर
1013-1014 ई0
राजाराम
नंदन
1014 ई0
त्रिलोचनपाल
कश्मीर
1015-1016 ई0
संग्राम लोहार
मथुरा व कन्नौज
1018-1019 ई0
प्रतिहार राज्यपाल
कालिंजर
1019 ई0
गंड चंदेल एवं त्रिलोचनपाल
कश्मीर
1021 ई0
स्त्री शासिका
ग्वालियर व कालिंजर
1022 ई0
गंड चंदेल
सोमनाथ मंदिर
1025-1026 ई0
भीमदेव
सिंध के जाट
1027 ई0
जाट शासक

महमूद गजनवी के दरबारी कवि

  1. राजकवि फिरदौसी (फारसी भाषा संस्थापक): शाहनामा
  2. अलबरूनी: किताब-उल-हिन्द
  3. बैहाकी (इतिहासकार): अलबी-तारीख-ए-सुतुत्तगीन

सुल्तान की उपाधि

सुल्तान की उपाधि तुर्की शासकों द्वारा प्रारंभ की गयी थी। महमूद गजनवी पहला शाहकार थे जिसने सुल्तान की उपाधि धारण की। उसे यह उपाधि बग़दाद के खलीफा से प्राप्त हुई थी।

खिज्र खां को छोड़कर दिल्ली सल्तनत के सभी शासकों ने सुल्तान की उपाधि धारण की। उसने यह उपाधि महमूद गजनवी से प्राप्त की थी।

बाबर ने अपनी पैतृक उपाधि मिर्जा का त्याग कर के सर्वप्रथम सुल्तान की परम्परा को तोड़कर अपने को बादशाह घोषित किया था।

Leave a Reply